Poultry Farming in India

by Dr. Ibne Ali, MVSc. IVRI

विश्व में पोल्ट्री माँस का उत्पादन तेज़ी से बढ़ रहा है. 2011 में लगभग 10.1 करोड़ टन पोल्ट्री माँस का उत्पादन हुआ जो बढ़कर 2013 में 10.8 करोड़ टन हो गया. मुर्गा मुख्य पोल्ट्री पक्षी है परंतु भारत में बत्तख़, टर्की और कहीं कहीं एमू का भी चलन है.  लगभग 87% पोल्ट्री माँस में मुर्गे का योगदान है. इसी तरह अंडो का भी उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है. यदि रेबो बॅंक की वेश्विक रैंकिंग के आधार पर देखा जाए तो विश्व की सबसे बड़ी पोल्ट्री उत्पादन की कंपनियाँ (जो चित्र में दर्शाई गयी हैं) टायसन फूडस, जबीएस पिलग्रिम्स और मर्फ़ृीग हैं.


भारत में पोल्ट्री फार्मिंग के सामने चुनौतियाँ 

  • - बढ़ते हुए फीड के दाम और बनाने की लागत
  • - नयी नयी उभरती हू मुर्गियो की बीमारिया
  • - उत्पादन में क्षेत्रीय असंतुलन - कम उत्पादन
  • - घटता हुआ लघु स्केल पोल्ट्री का हिस्सा 
  • - बेहद खराब पोल्ट्री मार्केटिंग इनफ्रास्ट्रक्चर
  • - घरेलू बाजारों में संसाधित पोल्ट्री उत्पादों की सीमित स्वीकृति
  • पोल्ट्री आयात में प्रतियोगिता

भारत में पोल्ट्री फार्मिंग पर एक नज़र - POULTRY FARMING, A PERSPECTIVE IN INDIA 

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पोल्ट्री फार्मिंग में संभावनाए: विश्व में और साथ साथ भारत में पोल्ट्री व्यवसाय बहुत तेज़ी के साथ बढ़ रहा है. यह भारतीय GDP का तकरीबन 0.8% से ज़यादा है, तेज़ी से बढ़ती हुई जनसंख्या और बढ़ती हुई माँस प्रोटीन की माँग इस व्यवसाय को खास तौर से बढ़ावा दे रही है. बढ़ती हुई दैनिक आय और खाने पीने की तरफ लोगो की रूचि भी इस व्यवसाय की उन्नति के लिए ज़िम्मेदार है. 


  • पोल्ट्री से हमे अंडे और माँस मिलता है. यह अनुमान है की विश्व में पोल्ट्री माँस की माँग 2022 (2013 की तुलना में) तक 47% तक बढ़ जाएगी, इससे यह पता चलता है की पोल्ट्री फार्मिंग में आने वाले समय में असीम संभावनाए उपलब्ध हैं.
  • - भारत में 50% जनसंख्या 25 वर्ष से कम की आयु में है और धीरे धीरे नौन-वेज की तरफ बढ़ता हुआ चलन पोल्ट्री क्षेत्र की उन्नति के लिए मुख्य रूप से लाभ कारी है.
  • - परंतु भारत में अभी भी विश्व स्तरीय टेकनोलॉजी की कमी है जिसकी वजह से यहाँ उत्पादन और देशो से महेंगा पड़ता है, साथ ही बीमारियो की बहुतायत, फीड के अत्यधिक मूल्य, बढ़ता हुआ इंटेग्रेशन, विपणन के बूंयादि ढाँचे की कमी, उत्पादन में क्षेत्रीय असंतुलन, 
  • - इन सब बाधाओ के बाद भी पोल्ट्री सेक्टर 7.5% की दर से उनत्टी कर रहा है