How to download (डाउनलोड करने का तरीका)

  • पहले उपर दी गयी तस्वीर पर क्लिक करें | Click on the image given above
  • एडफोकस पेज खुलेगा, उस पेज पर 5 सेकेंड इंतेज़ार करें | Adfocus page will be open and wait for 5 second on that page
  • फिर उपर दाहिनी तरफ "SKIP" लिखा आएगा उस पर क्लिक करें | Click on "SKIP" written on upper right hand.
  • उसी पेज पर PDF खुलने का इंतेज़ार करें | Wait on same page to open PDF
Click on image and follow instructions
to download PDF
disease caused bu e coli in chicks

​​ Livestock  & POultry Solutions

 

मुर्गी के चूज़ो में ई. कोलाई (E.COLI) से होने वाली बीमारी - जर्दी का सड़ना - DISEASE CAUSED BY E.COLI IN POULTRY CHICKS (ALSO KNOWN AS NAVEL-ILL, YOLK-SAC DISEASE, MUSHY CHICK DISEASE, OMPHALITIS)

ई. कोलाई (E.coli) - एक ऐसा बेकटीरिया है जो आम तौर पर मुर्गियों की आँतो में पाया जाता है और अधिकतर कोई बीमारी पैदा नही करता. परंतु यह बात ध्यान देने योग्य है की आँतो में मिलने वाले ई. कोलाई में से 15% ऐसे होते हैं जो विपरीत परिस्थितियो में बीमारी पैदा करते है. ये बॅक्टीरिया अमूमन सांस लेने के तंत्र और आँतो की बीमारी करता है. परंतु पोल्ट्री के शरीर के दूसरे अंग इससे अछूते नही रहते. 
नये पैदा हुए मुर्गी के बच्चो में भी ये काफ़ी भयानक स्थिति बना देता है जिसमे चुज़े के पेट में मौजूद जर्दी सड़ने लगती है और बहुत तेज़ी से फार्म में चुज़े मरने लगते हैं.    
चूज़ो में E. coli से होने वाली बीमारी को निम्न नामो से जाना जाता है
Navel-ill, yolk-sac disease, mushy chick disease, Omphalitis


बीमारी का कारण और फैलने के कारक

  • - यह बॅक्टीरिया वातावरण में आम तौर पर मिलता है. और पानी मिट्टी दाना सभी को दूषित करता है.

  • - यह बॅक्टीरिया मुर्गी के पेट में मौजूद अंडो को भी दूषित कर देता है जिससे मुर्गी के बच्चे में पैदा होने से पहले ही संक्रमण हो जाता है.
  • - दूसरी तरफ यदि मुर्गी में संक्रमण ना हो तो यह बॅक्टीरिया मुर्गी के अंडो को बाहरी वातावरण में दूषित कर देता है और यह सबसे सामान्य तरीका है बीमारी फैलने का. इसलिए मुर्गी के अंडो को हेचरी मशीन में रखने से पहले अच्छी तरह डिसिन्फेक्टेंट से साफ कर लें.


बीमारी के लक्षण 

  • - बीमार चूज़ा दाना खाना छोड़ देता है

  • - गर्दन झुका कर कोने में खड़ा रहता है
  • - दस्त करता है और बीट निकालने की जगह (वेंट) गीली बीट से चिपकी रहती है और वेंट में जर्दी भी दिखाई देती है
  • - नीचे पेट की तरफ खाल के नीचे सूजन देखने को मिलती है
  • - पानी की कमी हो जाती है
  • - ज़्यादातर चुज़े 3 से 4 दिनकी आयु में मर जाते हैं